भारत के किसान ज्यादातर खेती – बाड़ी पर ही निर्भर है। किसान अपने खेतों में सभी तरह की सब्जियों को उगाते है और वह ऐसी सब्जियाँ होती है जो लगभग पूरे विश्व में उगाई जाती है। इसलिए उन सब्जियों से किसान भाई मेहनत और लागत के हिसाब से कमाई नहीं कर पातें है। कभी-कभी ऐसा होता है की जब किसान के उन सब्जियों की डिमांड बढ़ती है तो उसी मंडी के ब्यापारी दूर की मंडियों से सस्ती सब्जियां मंगाकर रेट गिरा देते हैं। ऐसे में किसान भाइयों को चाहिए की वह ऐसे सब्जी की खेती करें जिसकी मांग बाजारों में हमेशा रहें। इसके साथ ही किसान भाइयों को यह भी ध्यान देना होगा की उस सब्जी को कैसे और किस महीनें में उगाया जा सकता है। तो किसान भाइयों आज हम आपको बतानें जा रहें है की वह कौन सी 5 सब्जियाँ है , जो सबसे महंगे दाम पर बिकती है और उसकी खेती करके किसान भाई अच्छा पैसा कमा सकते है।

किसान भाइयों आप यह ब्लॉग GEEKEN CHEMICALS के माध्यम से पढ़ रहें है। हम आपके लिए खेती से जुडी जानकारी पहुचानें का काम करते है। इसके अलावा GEEKEN CHEMICALS आज के समय में सबसे अच्छी रासायनिक कैमिकल बनाने वाली कंपनी बन गयी है। अगर आपके फसलों में कीट , रोग , खरपतवार के लक्षण दिखाई पड़ रहें है तो आप हमारे कीटनाशक को आसानी से खरीद सकते है।

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सतावर या शतावरी की खेती

किसान भाइयों सतावरी एक औषधीय पौधा है , जिसका प्रयोग हम कई तरह की दवाई बनाने के लिए करते है। इसके पौधे की मांग भी हमेशा रहती है साथ ही इसके पौधे को बेचनें पर कीमत भी अच्छी मिलती है। किसान भाई इसके पौधे को कम लागत में भी ऊगा सकते है , जो ज्यादा मुनाफा देने वाली फसल साबित हो सकती है। भारत के अलावा हम इसके खेती की बात करें तो नेपाल, चीन, बंगलादेश, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में भी की जाती है। इसका उपयोग ज्यादातर औषधीय बनाने के लिए ही किया जाता है। किसान भाइयों इसकी खेती के लिए लैटेराइट और लाल दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है। किसान भाइयों सतावर की खेती के लिए ज्यादा सिचाई या फिर अधिक बारिश की जरूरत नहीं पड़ती है। सतावर की खेती भी ज्यादातर शीतोष्ण और उष्णकटिबंधीय पर्वतीय क्षेत्रों में की जाती है। किसान भाइयों सतावरी का पौधा झाड़ीनुमा होता है , जिसकी लम्बाई 3 से 5 फिट तक होती है। इसके पौधे में काटों की मात्रा काफी अधिक होती है। किसान भाइयों इस फसल में अक्सर बुवाई के कुछ दिन बाद ही रोग लगते है , ऐसे में हमें अपनी फसल की सुरक्षा करनी भी बहुत जरुरी है। अगर आपके फसल में रोग लगें तो आप Best Agrochemical Company in India के द्वारा निर्मित कीटनाशक का प्रयोग कर सकते है।

जुकिनी की खेती

किसान भाइयों जुकिनी की खेती भारत के कुछ हिस्सों में ही की जाती है। इसे कहीं – कहीं पर चप्पन कद्दू के नाम से भी जाना जाता है। यह कद्दू एक विदेशी किस्म और गोल आकर की होती है। किसान इसकी खेती करके अच्छा पैसा कमा सकते है। जुकिनी की खेती पूरे साल और खुले खेत में की जाती है। इसकी फसल 60 -70 दिनों में पूरी तरह से पककर तैयार हो जाती है। यह कद्दू के पोषण से भरपूर होता है , साथ ही इसमें वसा भी भरपूर मात्रा में पाई जाती है। इसके पौधे किसान भाइयों झाड़ियों के जैसे होते है , जिनकी लम्बाई 3 फीट तक होती है। यह हमारे शरीर में कई तरह के रोगों को खत्म करता है , इसलिए इसे खानें वाले लोग हमेशा बाजारों में ढूंढते रहते है और इसकी मांग भी बाजारों में हमेशा रहती है।

चेरी टमाटर की खेती

किसान भाइयों चेरी टमाटर सामान्य टमाटर के मुकाबले सबसे ज्यादा कीमत में बिकता है। देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी इस टमाटर की मांग हमेशा रहती है। इसलिए आज के समय में देश के किसान चेरी टमाटर के प्रति ज्यादा झुकाव कर रहें है। यह टमाटर देखने में बहुत आकर्षित होते है। अगर डॉ की मानें तो ऐसे टमाटर को खानें से कई तरह की बीमारी भी आसानी से खत्म हो जाती है ज्यादातर इस दवाई का प्रयोग हम त्वचा से जुडी बीमारी को दूर करने के लिए करते है। किसान भाइयों अगर आप इस टमाटर की खेती करने जा रहें है तो इसके लिए गर्म जलवायु सबसे अच्छी होती है। चेरी टमाटर के अच्छे से विकास के लिए 19°C से 30°C तापमान सबसे अच्छी होती है।

चेरी टमाटर की खेती के लिए मिट्टी का चुनाव अच्छे से होना चाहिए , इसके लिए रेतीली दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है। अगर इसके लिए भूमि के पी० एच० मान की बात करें तो 6.0 से 7.0 के मध्य होना चाहिए।

बॉक चोए की खेती (Bok choy Vegetable Farming Profit)

किसान भाइयों बॉक चोए की खेती (Bok choy Vegetable Farming Profit) सबसे ज्यादा विदेशों में की जाती है। दोस्तों इसे हम आमतौर पर चीनी गोभी के नाम से जानते है। यह सभी पत्ता गोभी की तरह ही दिखाई पड़ती है , जिसमें फाइबर, विटामिन समेत ढेर सारे पोष्टिक तत्व आसानी से पाए जाते है। भारत में इसकी खेतो कुछ जगह पर ही की जाती है , जिसकी वजह से बाजार में इस सब्जी की मांग भी हमेशा रहती है। अगर इसके फल की बात करें तो दोस्तों इसका एक फल 115 से 120 तक बिकता है। दोस्तों इस सब्जी के सेवन से हमारी इम्युनिटी स्ट्रॉंग होती है।

इसकी खेती शुरूआती वसंत या देर गर्मी के मौसम में की जाती है। इसे हम पोषक तत्व से भरपूर मानते है। इसकी खेती के लिए अच्छी तरह से सूखी मिट्टी की जरूरत पड़ती है। इसके तने मोटे और रसदार होते है। अगर आप इसकी खेती करना जा रहें है तो पानी की व्यवस्था आपको अच्छे से कर लेनी चाहिए क्योंकि बॉक चोए की खेती के लिए ज्यादा पानी की जरूरत पड़ती है। अगर आपके फसल में रोग लगें तो आप Top Agrochemical in India के द्वारा निर्मित कीटनाशक का प्रयोग कर सकते है।

मशरूम की खेती

किसान भाइयों पिछले कुछ समय से मशरूम की खेती ज्यादा करना चाहते है, क्योंकि इसकी माँग बाजारों में हमेशा रहती है। यह एक तरह की ऐसी फसल है , जिसकी खेती हम कम लागत में और कम जगह में भी कर सकते है। कुछ समय तक इसकी खेती को लेकर किसान भाइयों में जानकारी का आभाव था लेकिन अब किसान बहुतायत क्षेत्र में इसकी खेती कर रहें है। आज के समय में मशरूम की मांग केवल भारत ही नहीं अपितु विदेशों में भी काफी बढ़ गई है। जिससे किसान भाई इसकी खेती करके अच्छी आमदनी कर सकते है। अगर हम भारत की बात करें तो इसकी सबसे ज्यादा खेती पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में की जाती है। कृषि एक्सपर्ट का मानना है की मशरूम की खेती को कम जगह, कम समय और कम लागत में आसानी से की जा सकती है। मशरूम छोटे और सीमांत किसानों की आय में अच्छे से बढ़ोतरी कर सकते है।

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निष्कर्ष

किसान भाइयों आज के इस ब्लॉग में हमनें जाना की भारत में बिकनें वाली 5 सबसे महंगी फसलें कौन सी है। आशा है की आपको हमारा यह ब्लॉग पसंद आया होगा। आप हमारे इस ब्लॉग को शेयर भी कर सकते है , जिससे और भी किसान अपने खेती के प्रति जागरूक हो सकें। अगर आप इस फसलों की खेती कर रहें है और इसमें रोग , कीट , खरपतवार , आदि के लक्षण दिखाई पड़ रहें है तो आप GEEKEN CHEMICALS के द्वारा बनें कीटनाशक का प्रयोग आसानी से कर सकते है। अगर आप GEEKEN CHEMICALS के द्वारा बनाए हुए रासायनिक कीटनाशक को खरीदना चाहते है तो कॉल (+91 – 9999570297) करें।