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GEEKEN CHEMICALS :- भारत के किसान लगातार अलग – अलग तरह के फसलों की खेती कर रहे है। ऐसे में कुछ खेती से उन्हें फायदा होता है और कुछ खेती से नुकसान। जिसकी वजह से किसान आज पारंपरिक फसलों की खेती से परे नई फसलें उगाने पर जोर दे रहे है।  इन नई तरह की फसलों से किसान भाइयों को काफी फायदा भी हो रहा है। अगर हम नई तरह की फसल की बात करे तो लाल भिंडी की खेती आज के समय में काफी तेजी से की जा रही है। किसान भाइयों आप सभी ने अभी तक हरी भिंडी के बारे में सुना होगा लेकिन आज के इस ब्लॉग में हम आपको लाल भिंडी के बारे में बताने जा रहे है।  इस भिंडी को कहीं – कहीं पर काशी लालिमा के नाम से भी जानते है।  आज के समय में हमारे बाजारों में भी इस तरह के भिंडी की काफी मांग है और बड़े शहरों में लोग इसे अच्छे दाम पर खरीदते है।  किसान लाल भिंडी की खेती करके अच्छा पैसा कमा सकते है। आइये आज के इस ब्लॉग में हम लाल भिंडी की खेती के बारे में विस्तार से जानते है।  

आप यह ब्लॉग GEEKEN CHEMICALS के द्वारा पढ़ रहे है। GEEKEN CHEMICALS लगातार कई वर्षों से खेती को आगे बढ़ाने के लिए अलग – अलग तरीके से काम कर रही है। अगर आप अपने फसलों का बेहतर तरीके से उत्पादन करना चाहते है तो , GEKEEN CHEMICALS के द्वारा बने कीटनाशक का प्रयोग कर सकते है , जिससे फसल का उत्पादन बेहतर तरीके से हो सके।  आज के समय में जीकेन Top 10 agro chemical companies in India में से एक है।

Contents

लाल भिंडी की खेती कैसे करें?

किसान भाइयों हम सभी जानते है कि बाजार में हरी भिंडी की मांग हमेशा रहती है लेकिन आज के समय में लोग लाल भिंडी की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे है। आज के समय में हरी भिंडी के मुकाबले लाल भिंडी की मांग हमेशा रहती है।  ऐसे में इस भिंडी से अच्छा पैसा कमाया जा सकता है। लेकिन आज भी बहुत से ऐसे किसान है जो लाल भिंडी की खेती करने के लिए आगे आ रहे है ऐसे में आज का यह ब्लॉग उन किसान भाइयों के लिए है जो अपनी लाल भिंडी की खेती को आगे बढ़ा रहें है। 

भारत में लाल भिंडी / काशी लालिमा की खेती

किसान भाइयों जैसा की हम सभी जानते है की हरी सब्जी हमारे सेहत के लिए कितना फायदेमंद है। ऐसे में इस भिंडी के रंगों में बदलाव भी किया जा रहा है। आज के समय में बिकने वाली हरी भिंडी , अब लाल दिखने वाली है क्योंकि भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान ने इस पर रिसर्च किया है और वह इस भिंडी की खेती करने के लिए काफी हद तक सफल भी हो गए है। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान ने इस भिंडी को काशी लालिमा नाम दिया है।  इस तरह की भिंडी में काफी पोषक भी मौजूद है।  भारत में लाल भिंडी की खेती मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा की जाती है।  आज के समय में बाजारों में इसके बीज की भी मांग काफी बढ़ गयी है। 

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लाल भिंडी की खेती के लिए अनुकूल जलवायु व उपयुक्त मिट्टी

जलवायु व तापमान: किसान भाइयों लाल भिंडी की खेती हम साल में दो बार कर सकते है।  इसकी खेती फरवरी – मार्च व जून – जुलाई में आसानी से की जा सकती है।  इसकी खेती करने के लिए हमें कम और आद्र जलवायु वाले जमीन की जरुरत पड़ती है। किसान भाइयों अगर आप चाहते है कि पौधे विकास करे तो इसके लिए जरुरी है की इसकी खेती ऐसी जगह पर करें जहां धूप अच्छे से आती हो।  किसान भाइयों इसके पौधे को अधिक धूप की जरूरत पड़ती है। अगर आप चाहते है कि इसके पौधे अच्छे से विकास करे इसके लिए आप पौधों को समय – समय पर सींचते रहे।  मध्य प्रदेश सहित देश के कई राज्य इसकी खेती के लिए आगे आ रहे है। 

किसान भाइयों अगर हम इसकी खेती के लिए मिट्टी की बात करें तो बलुई दोमट मिट्टी इसके लिए सबसे अच्छी मानी जाती है।  किसान भाइयों इसकी मिटटी जीवांश व कार्बनिक पदार्थ से जुड़ी हुई होनी चाहिए। बीज और पौधे का रोपण करने से पहले मिटटी के पीएच मान की जाँच कर लेनी चाहिए।  अगर आप मिट्टी की जाँच करके खेती करते है तो फसल को बहुत ज्यादा फायदा हो सकता है।  इसकी खेती के लिए पी एच मान भी सामान्य होना चाहिए। 

लाल भिंडी के लिए खेत कैसे तैयार करें :-

किसान इसकी खेती मानसून व गर्मी के महीने में आसानी से कर सकते है।  इसकी खेती करने के लिए सबसे पहले खेत को अच्छे से तैयार करते है। खेत को तैयार करने के लिए जुताई करें और कुछ समय के लिए इसे ऐसे ही छोड़ दें।  किसान भाइयों आप इसकी खेती करते समय गोबर के खाद का प्रयोग कर सकते है।  गोबर के खाद को डालने के बाद आप खेत की अच्छे से जुताई करें। 

लाल भिंडी के लिए रोग व बचाव

किसान भाइयों अन्य सब्जियों के मुकाबले लाल भिंडी की फसल में रोग कम लगता है।  इस तरह की सब्जी में अगर रोग का प्रकोप दिखाई पड़े तो किसान भाइयों को GEEKEN CHEMICALS के द्वारा बने कीटनाशक का प्रयोग करना चाहिए।  किसान भाइयों लाल भिंडी में ज्यादातर मच्छर, इल्ली और दूसरे कीट जल्दी नहीं दिखाई पड़ते है लेकिन इसके पौधे को सबसे ज्यादा खतरा लाल मकड़ी से है।  यह कीट ज्यादातर भिंडी के पत्ती के नीचे छिपे हुए होते है और भिंडी के पेड़ का रस चूसते रहते है।  इसके पौधे का रस भी धीरे- धीरे सुख जाता है, ऐसे में हमें इन रोगों को खत्म करने के लिए Best agrochemical companies in India के द्वारा निर्मित कीटनाशक का प्रयोग करना चाहिए। 

लाल भिंडी की कीमत व कमाई

किसान भाइयों लाल  भिंडी बाजार में मिलने वाली हरी भिंडी से बहुत अलग है।  ऐसे में लोग इसे बड़े ही चाव से खाते है।  बाजार में मिलने वाली सामान्य भिंडी की अपेक्षा इसके दाम भी बढे हुए रहते है।  ऐसे में किसान इसकी खेती करके अच्छा पैसा कमा सकते है।  किसान भाइयों इसकी फसलें भी सामान्य भिंडी की अपेक्षा जल्दी पक जाती है।  अगर इसके फसल तैयार होने की बात करे तो 45 -50 दिनों में इसकी फसल तैयार हो जाती है।  जिससे इसकी खेती करके किसान अच्छा पैसा कमा सकते है। 

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निष्कर्ष :- 

किसान भाइयों आज के इस ब्लॉग में हमने लाल भिंडी की खेती के बारे में जानकारी हांसिल की।  आशा है कि किसान भाइयों को हमारा यह ब्लॉग पसंद आया होगा , इसलिए हमारे ब्लॉग को शेयर जरूर करें।  किसान भाइयों आज के समय में लाल भिंडी की खेती करना काफी फायदेमंद माना जाता है।  ऐसे में अगर आप कुछ अलग तरह की खेती करते है तो आपको बहुत फायदा हो सकता है।  किसान भाइयों आपके अच्छे फसल उत्पादन के लिए GEEKEN CHEMICALS भी लगातार प्रयासरत है।  ऐसे में आप अपनी फसल में लगने वाले हानिकारक कीटों रोगों खरपतवार इत्यादि को खत्म करने के लिए GEEKEN CHEMICALS के द्वारा बने प्रोडक्ट का प्रयोग कर सकते है।  किसान भाइयों अगर आप हमारे कीटनाशक को खरीदना चाहते है तो कॉल (+91 – 9999570297) करें।