दोस्तों ठंड के शुरुआत का मतलब है कि, हरी पत्तेदार सब्जी का मौसम शुरू होना। जो भी लोग अपने घरों में गार्डनिंग करते है , उन्हें ठंड का मौसम बहुत अच्छा लगता है। क्योंकि ऐसे लोग ठंड के मौसम में हरी, ताज़ी और पौष्टिक पत्तेदार सब्ज़ियां उगाते है और अच्छा पैसा कमातें है। दोस्तों ठण्ड के मौसम में की जानें वाली सब्जी की खेती सितम्बर – अक्टूबर महीनें में शुरू हो जाती है। बागवानी की खेती करने वाले किसान गर्मी की आखिरी उपज लेकर के ठंड की सब्जी को बोना शुरू करते है। दोस्तों दिस्मबर का महीना आते – आते हम आधे से ज्यादा सब्जी की बुवाई कर लेते है, जिससे ठण्ड खत्म होते ही इसके फल तैयार हो जातें है। अगर हम हरे पत्तेदार सब्जी की बात करें तो इसमें मेथी, पालक, सरसों, धनिया, केल, लेटस आदि को अपने बालकनी या फिर बगीचे में आसानी से ऊगा सकते है। वहीं अगर हम इन सब्जी के देखभाल करनें की बात करें तो , ठंड के मौसम में आप सब्जी की देखभाल आसानी से कर सकते है।

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नीचे हम सब्जी की देखभाल कैसे कर सकते है , इसकी जानकारी प्रदान कर रहें है।

किसी भी सब्जी को लगानें से पहले मिट्टी का चुनाव अच्छे से करें।

पेड़ –

पौधों के पास कभी भी ज्यादा पानी न डालें।

अगर आप सुबह के समय पेड़ पौधों को पानी देते है तो इसका बहुत फायदा है।

अगर हो सके तो हर 10 दिन में गौ मूत्र या जैविक कीटनाशक का प्रयोग जरूर करें।

कभी भी फूल आनें पर पानी न दें।

इसके अलावा किसान भाइयों आप अपने अगल – बगल सब्जी की बुवाई करनें वाले किसान से भी इसकी जानकारी लें सकते है।

यहाँ जानिए दिसंबर के महीनें में कौन – कौन सी सब्जी की खेती हम कर सकते है और उससे क्या कमाई की जा सकती है।

1. पत्तागोभी

पत्तागोभी एक तरह का पौधा होता है , जो पोषक से भरपूर होता है , इसकी खेती भी अच्छी जल निकासी वाली जमीन पर करनी चाहिए। किसान भाइयों इसके लिए धुप वाली जगह की भी जरूरत पड़ती है। इसके पौधे की रोपाई सीधे बीज बोनें से पहले मिट्टी की जुताई करनी चाहिए। ज्यादातर अगर देखा जाए तो पत्ता गोभी के लिए 6 से 8 तक पीएच वाली जमीन की जरूरत पड़ती है। विकसित पौधे और अच्छी गुणवत्ता प्राप्त करनें के लिए मिट्टी को नम रखना जरुरी है। किसान भाइयों आप पौधे को लगानें से पहले मिट्टी का अच्छे से विश्लेषण कर सकते है।

2 . मूली की खेती

किसान भाइयों मूली हमें कई प्रकार से किसान भाइयों को अच्छा पैसा कामनें का मौका देती है। मूली एक तरह की ऐसी फसल है , जिससे किसान कम समय में अच्छा पैसा कमा सकते है। अगर किसान भाइयों हम भारत की बात करें तो पश्चिम बंगाल, बिहार, पंजाब, असम, हरियाणा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में इसकी खेती प्रमुखता से की जाती है। इसके अलावा और भी कई राज्य है जहां हम मूली की खेती आसानी से कर सकते है। किसान भाइयों अच्छी खेती के लिए मूली के बीज का चुनाव भी अच्छे से करना चाहिए।

3 . सरसों की खेती

किसान भाइयों सरसों की फसल के लिए दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है , लेकिन इसकी खेती अच्छी जल निकासी वाली जमीन पर करनी चाहिए। भारत में सरसों की कई किस्म पाई जाती है , जिसकी खेती करके किसान अच्छा पैसा कमा सकते है। सरसों की खेती के लिए ठंड का मौसम सबसे अच्छा माना जाता है। सरसों के पौधे की वृद्धि के लिए 18 से 24 डिग्री तापमान की जरूरत भी होती है। सरसों के मौसम में जब भी फूल निकलें उस समय छायादार मौसम नहीं होना चाहिए। छायादार मौसम इसके लिए हानिकारक होते है। सरसों की खेती कभी भी छारीय अम्लीय मृदा में न करें।

4 . शलजम की खेती

इसकी खेती हम ठंड के मौसम में करते है, इसके अधिकतर मात्रा में खनिज पाया जाता है। शलजम में मिनरल्स, फाइबर एवं एंटी ऑक्सीडेंट भी काफी मात्रा में पाया जाता है। शलजम के सेवन से हृदय रोग, हाई ब्लडप्रेशर एवं कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है। किसान भाइयों शलजम में विटामिन सी भी भरपूर मात्रा में पाई जाती है। शलजम की खेती बलुई और रेतीली मिट्टी में करना चाहिए। अगर आपके खेत की मिट्टी चिकनी या फिर रेतीली है तो उसमें शलजम की खेती नहीं की जा सकती। शलजम एक तरह की जड़ वाली फल है , जिससे इसके लिए मिट्टी का नरम और रेतीला होना जरुरी है। इसकी खेती किसान भाई जड़ और पत्तियों के लिए करते है। इसकी जड़ें विटामिन सी प्रदान करती है जबकि इसके पत्ते विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन के, फोलिएट और कैलशियम प्रदान करते है। डॉ के मुताबिक शलजम में कई तरह के औषधीय गुण भी पाए जातें है।

5 . गाजर की खेती

किसान भाइयों गाजर की खेती ठंड के मौसम में आसानी से की जा सकती है। गाजर हमारे शरीर के लिए काफी लाभदायक है और हमेशा ही हमारे शरीर को भी स्वस्थ्य रखता है। गाजर में विटामिन K1, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट एवं के एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। इसके बुवाई के बाद हम इस 3 माह में काटकर आसानी से खा सकते है। बाजार में भी गाजर की मांग हमेशा बनी रहती है , किसान भाई इसकी खेती करके अच्छा पैसा कमा सकते है। गाजर की खेती के लिए भुरभुरी मिटटी की जरुरत पड़ती है। अतः किसान इसकी मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए दो से तीन बार हल से जुताई कर सकते है। किसान चाहें तो 3 -5 बार पारंपरिक हल से जुताई कर सकते है। गाजर की अच्छी खेती के लिए मिट्टी का तैयार होना जरुरी है।

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निष्कर्ष

आज के इस ब्लॉग में हमनें जाना की दिसम्बर में कौन से सब्जी की खेती की जा सकती है। आशा है कि आप सभी को हमारा यह ब्लॉग पसंद आया होगा। किसान भाई आप हमारे इस ब्लॉग को अपने सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर कर सकते है। अगर आप अपनी खेती बेहतर तरीके से करना चाहते है तो GEEKEN CHEMICALS के कीटनाशक का प्रयोग करते रहें। हम भारत में सबसे अच्छे तरीके का कीटनाशक बनातें और बेहतर उत्पादन प्रदान करते है। अगर आप हमारे कीटनाशक को खरीदना चाहतें है तो हमें कॉल (+91 – 9999570297) करें।