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बादाम को फल का मेवा कहा जाता है। बादाम के पेड़ मध्यम आकार के होते है , जिससे गुलाबी और सफेद रंग के खुशबूदार फूल निकलते है। इसकी खेती पर्वतीय क्षेत्र में की जाती है। बादाम के पेड़ के तने मोटे,पत्ते लम्बे चौड़े और मुलायम होते है। बादाम को हम सबसे तागतवर और ज्ञान वर्धक फल के रूप में जानते है। इसका प्रयोग भी कई तरह की चीजों में किया जाता है। बादाम की खेती किसान भाइयों को सबसे ज्यादा फायदा पहुंचा सकता है। बादाम के बीजों से तेल निकाला जाता है , जिसकी वजह से इसकी मांग हमेशा बनी रही है। बादाम खानें से कई तरह की बीमारी भी खत्म होती है। अगर हम बादाम के खेती की बात करें तो , इसकी खेती सबसे ज्यादा एशिया में ईरान, ईराक, मक्का, मदीना, मस्कट, शीराज जैसे देशो में की जाती है। यदि आप भी बादाम की खेती करने के इच्छुक है तो आज का यह ब्लॉग आपके लिए है। आज के इस ब्लॉग में हम जानेंगे की बादाम की खेती कैसे की जाती है और इसके खेती से किसान भाइयों को कैसे फायदा हो सकता है। तो दोस्तों , आप इस ब्लॉग को पूरा पढ़िएगा और अच्छा लगें तो शेयर भी जरूर करियेगा।

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Contents

भारत में बादाम की खेती कैसे की जाती है

किसान भाइयों बादाम का पेड़ भी सभी पेड़ों की तरह ही सामान्य होता है। लेकिन इसका पेड सबसे ज्यादा पैसा देने वाला माना जाता है। दोस्तों आपको बता दें की बादाम के पेड़ को एक बार लगानें के बाद 50 -60 साल तक फल प्राप्त किया जा सकता है। इसकी खेती भी आद्र उष्णकटिबंधीय जलवायु में की जाती है। किसान भाइयों बादाम के पौधे को सामान्य भूमि वाले P.H. मान की जरुरत होती है। इसके साथ ही ज्यादा बारिश वाली जगह पर भी इसकी खेती नहीं करनी चाहिए।

भारत में बादाम की खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी,जलवायु और तापमान

किसान भाइयों किसी भी फसल या पौधे को लगानें से पहले हमें उसके मिट्टी का चुनाव सही तरीके से करना चाहिए। अगर आप बादाम की खेती करने जा रहें है तो इसके लिए अच्छी जल निकासी और अच्छी उपजाऊ भूमि का होना जरुरी है। कभी भी बादाम की खेती ज्यादा जलभराव वाली जगह पर न करें। ज्यादा जलभराव की वजह से बादाम के पौधे में रोग लगनें लगते है और पूरा पौधा ख़राब हो जाता है और पैदावार भी बहुत कम होती है। इसलिए बादाम की खेती करने से पहले आप अच्छी तरह से जानकारी हांसिल करके ही करें।

किसान भाइयों इसकी खेती के लिए हमें उष्णकटिबंधीय जलवायु की जरूरत पड़ती है। अगर हम भारत की बात करें तो इसकी खेती सबसे ज्यादा कश्मीर और हिमांचल प्रदेश में किया जाता है। बादाम के पौधे ठण्ड के मौसम में बहुत जल्दी बड़े होते है लेकिन इस मौसम में पड़नें वाला पाला पौधे की विकास को रोक देता है। किसान भाइयों बादाम के पौधे के अच्छे विकास के लिए वर्ष में 80 से 100 सेंटीमीटर वर्षा की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा पौधे को अंकुरित होने के लिए भी 20 डिग्री तापमान की जरूरत पड़ती है।

भारत में पाए जानें वाले बादाम की विकसित किस्मे

किसान भाइयों आज के समय में बादाम के पेड़ में भी कई तरह के बीज का प्रयोग किया जाता है ,जो हमें अच्छी पैदावार देता है। किसान भाइयों एक बात का ध्यान रखें की बीज का चुनाव हमेशा सही तरीके से करें।

बादाम की विदेशी किस्में

कैलिफोर्निया किस्म के बादाम

किसान भाइयों बादाम की यह किस्म अमेरिकी बादाम के नाम से हमारे बाजारों में मशहूर है। बादाम की यह किसम अच्छी पैदावार देती है , इसमें पौधे जल्दी से बड़े होकर तेजी से पकना शुरू करते है। इसलिए इसकी किस्म से अगर किसान भाई बादाम की खेती करते है तो निश्चित ही अच्छी पैदावार देखने को मिलेगी।

नीप्लस अल्ट्रा किस्म के बादाम

यह बादाम अगेती श्रेणी में आते है , इससे पैदावार भी काफी अच्छी होती है। लेकिन ठंड के मौसम में पड़ने वाला पाला इसके पौधे को नुकसान पहुंचा सकता है। जिससे बादाम की पैदावार प्रभावित होती है और किसान भाइयों को बहुत नुकसान होता है। अगर किसान भाई पाले से इसकी पैदावार को बचा लें तो फसल की पैदावार काफी अच्छी होती है।

नॉन पेरिल किस्म के बादाम

किसान भाइयों बादाम के इस किस्म को हम बहुत अच्छे से ऊगा सकता है। यह एक तरह का ओजपूर्ण पौधा है , जो कम दूरी पर फैलता है। इसमें लगनें वाले फल भूरे रंग के दिखाई पड़ते है। यह किस्म भी बादाम की अच्छी पैदावार प्रदान करती है।

कैसे किया जाता है बादाम के खेत को तैयार

किसान भाइयों किसी भी फसल की खेती करने से पहले हम खेत को अच्छे से तैयार करते है। अगर आप बादाम की खेती करने जा रहें है तो इसके खेत को और भी अच्छे तरीके से देखभाल करना चाहिए। इसके पौधे को एक बार लगानें के बाद कई वर्षों तक फल प्राप्त किया जा सकता है। इसके पौधे को अगर आप खेत में लगा रहें है तो पहले अच्छे से जुताई कर दें उसके बाद लगाएं। किसान भाइयों फसल की बुवाई करने से पहले हमेशा ध्यान देना चाहिए की खेत समतल हो और ज्यादा पानी न लगनें पाए।

किसान भाइयों बादाम के पौधे को तैयार करने से पहले हमें सबसे पहले इसके कलम का इस्तेमाल करना होता है। बादाम के पौधे किसान भाइयों फल देने में कम से कम 8 साल लगा देते है , इसलिए हमेशा इसकी देखभाल करते रहना चाहिए , जिससे पौधे का विकास तेजी से हो सके। अगर आप कलम किये हुए पौधे को लगाते है तो यह 4 -5 साल में फल देने के लिए तैयार हो जाते है।

कब करें बादाम के पौधे का रोपण

किसान भाइयों बादाम के पौधे को हम लगानें से एक महीने पहले गड्ढे को तैयार कर लेते है। अगर आपने बादाम का पौधा नर्सरी से ख़रीदा है तो यह ध्यान रखना चाहिए की पौधा 1 साल पुराना होना चाहिए। किसान भाइयों पौधे को स्वस्थ और शाखाओ युक्त होना जरुरी है , तभी इससे अच्छी पैदावार होगी। पौधों को जब भी आप गड्ढे में लगानें जाये तो गड्ढे के अंदर एक और छोटा गड्ढा खोद लें और उसमें गोबर या फिर हल्की खाद का प्रयोग कर पौधे को लगा दें। ऐसा करने से पौधे में रोग कम लगता है और पैदावार अच्छी होती है। यदि पौधे को लगानें के कुछ दिन बाद इसमें कीट या रोग लगें हुए दिखाई पड़ें तो आपको Best Agrochemical Company in India के द्वारा निर्मित कीटनाशक का प्रयोग करना चाहिए।

इसके इसके पौधे को लगानें की बात करें तो किसान भाई बादाम के पौधे को नवम्बर और दिसंबर महीने के मध्य लगा सकते है। क्योंकि इस दौरान मौसम अच्छा रहता है और पौधे तेजी से विकास करते है।

कब करनी चाहिए बादाम के पौधे की सिंचाई

किसान भाइयों बादाम के पौधे को जयदा पानी की आवश्यकता नहीं पड़ती है , इसलिए इसकी सिचाई जरूरत दिखाई पड़ने पर ही करें। अगर आपने गर्मी के मौसम में इसके पौधे को लगाया है तो आप सप्ताह में दो बार और अगर ठंड के मौसम में पेड़ को लगाया है तो एक बार पानी देना सही रहेगा। लेकिन जब पौधा तेजी से विकास करने लगे तो पूरे साल भर में 5 से 8 सिंचाई ही करनी चाहिए। किसान भाइयों बादाम के पौधे को सिचाई के लिए टपक विधि सबसे ज्यादा अच्छी मानी जाती है।

किसान भाइयों अगर आप चाहते है की बादाम का पौधा जल्दी ग्रोथ करें तो इसके लिए आपको पर्याप्त मात्रा में खाद का प्रयोग करना चाहिए। इसके पौधे के गढ्ढे के पास उचित मात्रा में गोबर के खाद का प्रयोग करते रहना चाहिए। इसके बाद जब पौधे फल देने लगें तो जरूरत के अनुसार ही खाद डालें नहीं तो इसका प्रभाव फल पर पड़ता है।

कब की जाती है फलो की तुड़ाई पैदावार और लाभ

किसान भाइयों बादाम के फल को हम पूरी तरह से पक जानें के बाद पतझड़ के मौसम में डालते है। बादाम के पौधे जयदरतर 5 -7 साल बाद फल देना शुरू करते है। बादाम के पेड़ में फूल लगनें के 7 -8 महीने के बाद फल पककर तैयार हो जाते है। किसान भाइयों आप देखेंगे की जब बादाम की गुठलियां का रंग बदलनें लगते तो यह अपने आप पेड़ से टूटकर गिरने लगते है। जब भी आप फल की तुड़ाई करें तो यह ध्यान रखें की इसके फल को कहीं छायादार जगह पर सूखा लें। जब गुठलियां सुख जाए तो , उसमें से बादाम को तोड़कर निकाल लिया जाता है।

किसान भाई अगर आप आज के समय में बादाम की खेती करते है तो निश्चित ही अच्छी कमाई की जा सकती है। बहुत सी कंपनी अब बादाम से तेल और दवाई बना रही है और बाजारों में भी बादाम की मांग हमेशा रहती है। जिससे पता चलता है की बादाम भी सभी फसलों की तरह फायदें की खेती है।

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निष्कर्ष

आप यह ब्लॉग GEEKEN CHEMICALS के माध्यम से पढ़ रहें है। आज के इस ब्लॉग में हमनें जाना की बादाम की खेती कैसे की जाती है। आशा है कि किसान भाइयों को हमारा यह ब्लॉग पसंद आया होगा। आप हमारे इस ब्लॉग के माध्यम से अपने फसल से जुडी सभी जानकारी को आसानी से प्राप्त कर सकते है। किसान भाइयों GEEKEN CHEMICALS कई तरह के रासायनिक कीटनाशक भी बनाता है , जिसके प्रयोग मात्र से फसल की पैदावार बढ़नें लगती है और खरपतवार , हानिकारक कीट भी खत्म हो जाते है। ऐसे में अगर आपके फसल , पेड़ , पौधे में इस तरह के लक्षण दिखाई पड़ रहें हो तो GEEKEN CHEMICALS के कीटनाशक का प्रयोग जरूर करें। आप हमारे दिए हुए नंबर (+91 – 9999570297) पर कॉल कर सकते है।