सरसों की फसल को हम बहुत ही कम पानी और बहुत ही कम लागत में उगाते है। इस की खेती करके एक किसान काफी अच्छा मुनाफा कमा सकता है।  इसके आलावा इसके तेल को हम विदेशों में भी भेजते है जहां से हमें एक अच्छा मुनाफा प्राप्त होता है।  इस फसल की अगर बात कि जाये तो इसमें लगभग 50 से अधिक कीट पाए जाते है। इस कीटों में कुछ ही कीट ऐसे है जो फसलों को बुरी तरह से नुकशान पहुंचाते है।  सरसों के माँहू या चेंपा प्रमुख कीट है एवं अकेला कीट ही 10 से 95 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा सकता है । इसलिए किसान भाइयों अक्सर सरसों की फसल का ध्यान देना चाहिए। आज के इस आर्टिकल में हम आपको बतानें वाले है कि सरसों में लगने वाले प्रमुख कीट कौन – कौन से है और किस कीटनाशक से उन्हें खत्म किया जा सकता है।

आप यह ब्लॉग GEEKEN CHEMICALS के द्वारा पढ़ रहें है। GEEKEN किसान के फसल को ध्यान में रखकर उनमें लगने वाले कीटो और रोगों को खतम करने के लिए अलग – अलग तरह की  रासायनिक कैमिकल बनाते है।  इसके प्रयोग से खेतों में लगने वाले कीड़ें जल्द से जल्द खतम हो जाते है।  आज भारत में जीकेन केमिकल्स सबसे पसंदीदा कीटनाशक दवा बनाने वाली कंपनी में शामिल है।  इसके साथ ही भारत के किसान भी इसपर लगातार अपना भरोसा जता रहें है।

 चितकबरा कीट या पेन्टेड बग

इस अवस्था में नुकसान पहुंचाने वाला यह प्रमुख कीट है । यह एक अद्भुत  सा दिखने वाला काला भूरा कीट है जिस पर कि नारंगी रंग के धब्बे होते हैं। यह करीब 4 मिमी लम्बा होता है । इसके व्यस्क व बच्चे दोनों ही समूह में एकत्रित होकर पोधो से रस चूसते हैं जिससे कि पौधा कमजोर होकर मर जाता है। अंकुरण से एक सप्ताह के भीतर अगर इनका आक्रमण होता है तो पूरी फसल चौपट हो जाती है। यह कीट सितम्बर से नवम्बर तक सक्रिय रहता है । दोबारा यह कीट फरवरी के अन्त में या मार्च के प्रथम सप्ताह में दिखाई देता है और यह पकती फसल की फलियों से रस चूसता है । जिससे काफी नुकसान होता है । इस कीट द्वारा किया जाने वाला पैदावार में नुकसान 30 प्रतिशत तथा तेल की मात्रा में 3-4 प्रतिशत आंका गया है । चितकबरा रोग को खतम करने के लिए आप GEEKEN CHEMICALS का बना प्रोडक्ट Shamshera (Thiamethoxam 12.6% + Lambda-Cyhalothrin 9.5% ZC) और Fogal​ (Thiamethoxam 30% FS) का प्रयोग कर सकते है।  इसके प्रयोग करने के कुछ दिन बाद ही सरसों की फसल से कीड़ें खत्म हो जाते है।

 आरा मक्खी

आरा मक्खी भी बहुत ही खतरनाक होती है , यह अक्सर फसलों को पूरी तरह से प्रभावित कर देती है।  अगर आरा मख्खी की बात किया जाये तो , इनकी सुंडी ही फसल को ज्यादातर नुकसान पहुँचाती है।  इसके संरचना की तरफ देखा जाये तो , जिसका सिर काला व पीठ पर पतली काली धारियाँ बनी होती है।  यह किट सरसों की फसल में ज्यादातर अक्टूबर के महीने में दिखाई पड़ते है।  जिनका असर नवम्बर महीने में ज्यादा दिखाई पड़ता है और दिसंबर आते – आते यह फसल को पूरी तरह से चाट जाते है।   इन मख्खी के प्रकोप के बाद ऐसा लगता है जैसे फसल को किसी जानवर ने खा लिया हो।  इसके लिए आप Gee Lambda Pro (Lambda Cyhalothrin 4.9% CS) और Gee Alpha (Cypermethrin 10% EC) का प्रयोग बहुत ही फायदेमंद होता है।  यह सरसो के फसल में लगने वाले कीड़ों को एकदम से खत्मकर फसल को हरा – भरा बनाता है।

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 सरसों का चेंपा या मांहू

यह सरसों की फसल का प्रमुख कीट है यह देखने में तो बहुत ही छोटा होता है लेकिन फसल को बहुत नुकसान पहुँचता है। यह  लम्बा,पीला हरा रंग का चूसक कीड़ा है। यह पौधे की पत्ती, फूल, तना व फलियों से रस चूसता है, जिससे पौधा कमजोर होकर सूख जाता है । इनकी बढ़वार बहुत तेजी से होती है। यह कीट मधु का श्राव करते हैं जिससे पौधो पर काली फफूंद पनप जाती है । यह कीट कम तापमान और ज्यादा आर्द्रता होने पर ज्यादा बढता है। इसलिए जनवरी के अंत तथा फरवरी में इस कीट का प्रकोप अधिक रहता है । यह कीट फसल को 10 से 95 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा सकता है । सरसों में तेल की मात्रा में भी 10 प्रतिशत तक की कमी हो सकती है ।

किसान भाइयों अगर आपके सरसों में इस तरह के कीट दिखाई पढ़ रहें है तो इसके लिए आपको घबरानें की जरुरत नहीं है।  हमारे द्वारा बनाये हुए कीटनाशक Mustafa (Imidacloprid 17.8% SL) के प्रयोग से इसमें लगने वाला रोग पूरी तरह से खत्म हो जायेगा और आपके सरसों की पैदावार भी बढ़ जाएगी।

 बिहार हेयरी केटरपिलर

इस कीट की सूंड़िया ही फसल को नुकसान पहुंचाती हैं । छोटी सुंडी समूह में रहकर नुकसान पहुचाती है जबकि बडी सूंडी जो करीब 40-50 मि.मी. बडी हो जाती है तथा उसके ऊपर धने, लम्बे नांरगी से कत्थई रंग के बाल आ जाते हैं। यह खेत में घूम-घूम कर नुकसान करती है|यह पत्तियों को अत्यधिक मात्रा में खाती है । यह एक दिन में अपने शरीर के वजन से अधिक पत्तियां खा सकती है जिससे फसल नष्ट हो जाती है और फसल दोबारा बोनी पड़ सकती है । यह कीट भी बहुत खतरनाक होते है और फसल को पूरी तरह से ख़राब कर देते है।   इस तरह के कीटों के लिए आप Gee Lambda Pro (Lambda Cyhalothrin 4.9% CS) का प्रयोग करना फायदेमंद होता है।  GEEKEN CHEMICALS के द्वारा इस कीटनाशक दवा को खास कर इसी के लिए बनाया गया है।  आप बाजार में इसे आसानी से खरीद सकते है।

 चितकबरा कीट

प्रौढ़ कीट के शरीर के ऊपर काले व चमकीले नारंगी रंग के धब्बे होते हैं | प्रौढ़ 6.5–7.0 मि.मी. चौड़ा व पूर्ण विकसित शिशु 4 मि.मी. लंबा व 2.6 मि.मी. चौड़ा होता है | इन पर भूरी धारियां पाई जाती हैं | पहली व दूसरी अवस्था शिशु कीट का रंग चमकीला नारंगी और तीसरी व चौथी अवस्था का रंग लाल होता है | मुखांग चुभाने–चूसने वाले एवं पश्चोंमुखी होते हैं | इस तरह के रोगों के लिए आप हमारे द्वारा बनाया हुआ कीटनाशक Shamshera (Thiamethoxam 12.6% + Lambda-Cyhalothrin 9.5% ZC) का प्रयोग कर सकते है।

 हानि के लक्षण

ये कीट फसल के छोटे–छोटे पौधों को या पौध अवस्था में अधिक नुकसान पहुंचाते है | शिशु एवं प्रौढ़ दोनों ही पौधे की पत्तियों एवं प्ररोह से रस चूसकर हानि पहुंचाते हैं | फसल की दो पत्ती अवस्था में नुक्सान होने पर ग्रसित उपरी भाग मुरझाकर सुख जाता है | वानस्पतिक अवस्था में प्रकोप के समय पत्तियों पर सफेद धब्बे हो जाते हैं | पौधे का विगलन हो जाता है व पौधे पूर्णत: सुख जाते हैं | दोनों मामलों में फसल की दोबारा बुआई आवश्यक हो जाती है | यह कीट फली बनने व पकने की अवस्था में भी आक्रमण करता है, जिससे फलियाँ व दाने सिकुड़ जाते हैं | खलिहानों में कटी हुई फसल पर इन कीटों का आक्रमण व हानि को देखा जा सकता है | इस प्रकार यह कीट उपज व तेल की मात्रा में कमी करता है | इसके लिए मध्यम तापमान होना जरुरी है।

किसान भाइयों तिलहन की फसलों में सरसों (तोरिया एवम राया) का भारतवर्ष में विशेष स्थान है। यह राजस्थान की रबी की मुख्य फसल है।  समय-समय पर सरसों की फसल में अनेक प्रकार के कीट आक्रमण करते हैं। यह सभी कीट बहुत ही महत्वपूर्ण है।  इस कीटों को रोककर आप अपने फसल की उत्पादन क्षमता को बढ़ा सकते है।  इसलिए अगर आप सरसों की खेती कर रहें है तो अच्छी तरह से जाँच – परख कर लें , जिससे आपके फसल की पैदावार अच्छी हो सकें।

 निष्कर्ष 

आशा है कि किसान भाइयों को हमारी यह जानकारी पसंद आयी होगी।  आप हमारे इस ब्लॉग को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें जिससे यह जानकारी और भी लोगों तक पहुँच सकें और आप भी अच्छे से अपनी खेती कर सकें। आपके खेतों में लगने वाले कीड़े , रोगों , खरपतवार के लिए GEEKEN CHEMICALS लगातार कई वर्षों से रासायनिक कीटनाशक बनाता आ रहा है। आप हमारे इस कैमिकल को आसानी से अपने नजदीकी स्टोर से खरीद सकते है।  किसी भी तरह की जानकारी के लिए आप हमारे विशेषज्ञ को कॉल( +91- 9999570297) भी कर सकते है|