किसान भाइयों आंवला खट्टा मीठा फल होता है , जो हमारे शरीर को कई पोषक तत्व प्रदान करता है। आंवला विटामिन सी प्रदान करने वाला सबसे बड़ा पोषक तत्व है। इसे नियमित रूप से प्रयोग करने पर सर्दी खांसी, वायरल बुखार, मधुमेह, त्वचा से जुड़े रोग, एसिडिटी, पथरी, नहीं होती है। बालों को सफ़ेद होना याददाश्त को मज़बूत और आँखों की रोशनी बढाने के लिए भी हम आंवले का प्रयोग कर सकते है। हमारे घरों में आंवले के प्रयोग अचार , चटनी , जड़ी बूटियां , मुरब्बा आदि चीजें बनाने के लिए किया जाता है। आंवला अम्लीय प्रवृत्ति के फलों में गिना जाता है। औषधीय के रूप में देखा जाये तो आवंले से कई तरह की दवाई भी बनाई जाती है। जो शरीर में छिपे रोगों को खत्म करके हमें आराम पहुंचाने का काम करता है।

किसान भाइयों आंवलें में एंटीऑक्सीडेंट्स पाया जाता है। जो शरीर में फैलने वाले जहर को कम करता है। डॉ की मानें तो आंवला का नियमित रूप से प्रयोग करने पर कैंसर की बीमारी नहीं होती है। किसान भाइयों जब आंवला इतना फायदेमंद है तो इसकी खेती के बारें में भी जानना बहुत जरुरी है। इसकी खेती करने से किसान भाइयों को काफी फायदा हो सकता है। आज के इस ब्लॉग में हम जानेंगे की आंवले की खेती कैसे की जाती है। किसान भाइयों अगर आप भी आंवले की सबसे अच्छे तरीके से खेती करना चाहते है।

आप यह ब्लॉग GEEKEN CHEMICALS के माध्यम से पढ़ रहें है। हम आप तक खेती -बाड़ी, फसलों में फैलनें वाले रोग ,कीटनाशक से जुडी जानकारी पहुचानें का काम करते है। आप हमारे ब्लॉग के माध्यम से अच्छी तरह से खेती कर सकते है। किसान भाइयों अगर आपके फसल में किसी भी तरह के कीट , रोग , खरपतवार , दिखाई पड़ रहें है तो आप GEEKEN CHEMICALS के द्वारा निर्मित कीटनाशक का प्रयोग कर सकते है। जीकेन कैमिकल Top Agro Chemical Companies in India में से एक है। आप हमारे इन कीटनाशक को अपने नजदीकी बाजार में जाकर खरीद सकते है।

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कैसे जलवायु की होती है जरूरत

किसान भाइयों आंवले की खेती के लिए उष्ण तथा उपोषण जलवायु की जरूरत पड़ती है इसके अलावा आंवले को उच्च तापमान की भी जरूरत नहीं पड़ती है। आंवले को सबसे ज्यादा नुकसान फल पकने पर पाले से होता है। इसलिए ठण्ड के मौसम में इसे ज्यादा देखभाल की जरूरत पड़ती है। फूल आने पर आंवले को गर्म जलवायु की जरूरत पड़ती है। इससे आंवले की पैदावार काफी अच्छी होती है। इसकी बागानी उन्हीं जगह पर की जाती है जहां गर्मी और सर्दी के तापमान में अधिक अंतर नहीं दिखाई पड़ता है। पौधों को बड़ा होने के लिए सामान्य तापमान की जरूरत पड़ती है। आंवलें का पौधा 0 से 45 डिग्री तक का तापमान सह सकता है।

कैसे होनी चाहिए आवंले की खेती के लिए मिट्टी

किसान भाइयों किसी भी फसल की बुवाई अच्छे से मिट्टी का चुनाव करके करना चाहिए , जिससे फसल या पौधे में खरपतवार ज्यादा न उग सकें। अगर हम आंवले के पौधे की बात करें तो इसके लिए सभी प्रकार की मिट्टी अच्छी होती है लेकिन गहरी दोमट मिटटी में इसकी फसल ज्यादा पैदावार देती है। भूमि का चयन करते समय यह ध्यान रखना चाहिए की आंवले की खेती के लिए पानी निकासी की अच्छी व्यवस्था हो , जिससे ज्यादा पानी पौधों को नुकसान न पहुँचा सके। अगर आप हमारे बताये हुए तरीकों को अपनाकर खेती करते है तो , अवश्य ही आपको पैदावार अच्छी देखने को मिलेगी।

कब लगाना चाहिए आंवले का पौधा

किसान भाई अगर आप आंवले की खेती करने जा रहें है तो , इसके बारें में सही समय की जानकारी रखना बहुत जरुरी है। आंवले की खेती के लिए किसान पहले अपने खेत में गड्ढे खोदकर तैयार करते है। एक गड्ढे से दूसरे गड्ढे के बीच की दुरी 8 * 8 मीटर होनी चाहिए। किसान भाई आप कीटों से बचानें के लिए गड्ढे में रासायनिक कीट का भी प्रयोग कर सकते है। आवलें के पौधे को सिंचित क्षेत्रों में जून – जुलाई के महीने में और असिंचित क्षेत्रों में फरवरी – मार्च के महीने में लगा सकते है। लेकिन यह ध्यान रहें कभी भी इसका पौधा ठण्ड के महीने में नहीं लगानी चाहिए। बताए हुए समय के अनुसार अगर आप आंवलें की खेती करते है तो पैदावार अच्छी देखने को मिलेगी।

कब और कैसे करना चाहिए आंवलें की सिचाई

किसान भाइयों किसी भी फसल या पौधे को उचित हिसाब से ही पानी देना चाहिए, अगर आप आवश्यकता से अधिक पानी देते है तो पूरा पौधा सड़ जायेगा और पौधे में रोग भी लग सकते है। इसलिए इसके बारें में जानकारी रखकर ही खेती करनी चाहिए। अगर हम आंवलें के सिचाई की बात करें तो वर्षा ऋतु में कभी भी इसकी सिचाई नहीं करनी चाहिए। आंवलें को पौधे को 4 -5 सिचाई की जरूरत पड़ती है। किसान भाइयों को इसकी पहली सिचाई मार्च के महीने में और अंतिम सिचाई जुलाई के महीने में करना चाहिए। आवलें के पौधे के साथ में आप नीचे कई तरह की सब्जियाँ भी आसानी से ऊगा सकते है। जिससे एक साथ किसान भाइयों को अत्यधिक फायदा हो सकता है।

शंघाई तथा काट छांट करना

किसान भाइयों आवलें के पौधे को हमेशा काट – छांट की जरूरत पड़ती है , आवलें के पौधे में सबसे ज्यादा बसंत के महीनें फूल आतें है और यह फूल लगभग 3 -4 सप्ताह में खिलतें है। अगर आप चाहते है कि आंवला का पौधा अच्छे आकार में बड़ा हो तो 2 साल तक कोई भी कटाई – छटाई न करें। वैसे तो आवलें के पौधे को ज्यादा कटाई छटाई की जरूरत नहीं पड़ती है लेकिन अच्छा आकार देने के लिए आप इसे कर सकते है। इसके अलावा किसान भाई सुखी गली सड़ी टहनियों को काटकर निकाल सकते है।

आवलें के पौधे में लगने वाले प्रमुख कीट एंव रोग उपचार

चूर्णी बग कीट

यह कीट आवलें के पौधे को पूरी तरह से खत्म कर देता है। चूर्णी बग कीट के पूरे शरीर में मोम के जैसा चूर्ण लगा होता है और इसके पिछले भाग से 2 लंबे तंतु निकले होते है। इनके शरीर पर काले रंग के धब्बे दिखाई पड़ते है। यह कीट मुलायम टहनियों, पत्तियों, छोटे फलों का रस चूस कर नुकसान पहुचातें है। ठण्ड के मौसम में इस कीट का प्रकोप ज्यादा होता है। जिससे आवलें का पौधा पूरी तरह से नष्ट हो जाता है। इस कीट के आक्रमण के बाद पत्तियां पीली पड़ जाती है और कुछ समय बाद सूख जाती है कभी – कभी इसके आक्रमण से पौधों का विकास भी रुक जाता है। ऐसे में किसान भाइयों को इसके रोकथाम के लिए काम करना चाहिए।

अगर आपके फसल में इस कीट का प्रकोप है तो आप Top Quality Agro Chemicals का चुनाव कर इसे खत्म कर सकते है। भारत में GEEKEN CHEMICALS ही एक ऐसी कंपनी है जो सबसे अच्छा कीटनाशक प्रदान करता है अगर आपके फसल में भी इस कीट का प्रकोप है तो आप GEEKEN CHEMICALS के द्वारा बना कैमिकल Kehar (Profenofos 50% E) प्रयोग करें।

आँवले का टहनी झुलसा रोग

इस रोग का प्रकोप बरसात के मौसम में ज्यादा होता है, इससे पूरी तरह से आवलें का पौधा सूखनें लगता है। जब भी इस रोग का प्रकोप दिखाई पड़ें आप तुरंत ही इसमें कैमिकल का प्रयोग करें। आँवले का टहनी झुलसा रोग बहुत ही खतरनाक रोग में से एक है। आप इसे खतम करने के लिए Top agricultural chemical companies in india के द्वारा बनें हुए कीटनाशक का प्रयोग कर सकते है। आज के समय में GEEKEN CHEMICALS लगातार इस तरह के कीटों को खत्म करने के लिए अलग – अलग तरह का कीटनाशक बना रहा है। आपके आवलें के पौधे में अगर आँवले का टहनी झुलसा रोग का आक्रमण है तो आप Kenzim (Carbendazim 50% WP) का प्रयोग कर सकते है।

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निष्कर्ष

आप यह ब्लॉग GEEKEN CHEMICALS के द्वारा पढ़ रहें है। GEEKEN CHEMICALS लगातार कई वर्षों से अलग – अलग तरह का कीटनाशक बनाता आरहा है। आप इसके कीटनाशक को खरीदकर अपने फसल में लगने वाले हानिकारक रोगों ,खरपतवारों को आसानी से खत्म कर सकते है। अगर आप भी GEEKEN CHEMICALS के द्वारा बनें कीटनाशक को खरीदना चाहते है इसके लिए हमें कॉल (+91 – 9999570297) कर सकते है। किसान भाइयों अगर आपको हमारा यह ब्लॉग पसंद आया हो तो इसे शेयर भी जरूर करें।