भारत में कटहल की खेती बहुत बड़े पैमानें पर की जाती है। यह सभी फलों में सबसे बड़ा फल माना जाता है। इसका पौधा कई वर्षों तक पैदावार देता है। भारत के लोग कटहल के पके फल को बड़े चाव से खाते है। लेकिन ज्यादातर हिस्सों में कटहल की सब्जी ही बनाया जाता है। इसलिए किसान भाइयों आप कटहल को फल और सब्जी दोनों बुला सकते है। दोस्तों कटहल के ऊपर के हिस्सों में काटें लगे होते है। कृषि एक्सपर्ट के मुताबिक इसकी खेती करके किसान अच्छा पैसा कमा सकते है। आज के समय में लोग कटहल से अचार भी कई तरह की चीजें बना रहें है , जिससे इसकी मांग भी बाजारों में हमेशा रहती है। कटहल में कई तरह के विटामिन भी पाया जाता है। जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक है। आज के इस ब्लॉग में हम कटहल की खेती कैसे करें इसके बारें में जानेंगे।

किसान भाइयों आप यह ब्लॉग GEEKEN CHEMICALS के द्वारा पढ़ रहें है। हम किसान भाइयों से मुलाकात करके उनके फसल के बारें में जानकारी हांसिल करते है उसके बाद आपके फसल की बेहतर उत्पादन के लिए अलग – अलग तरह का रासायनिक कैमिकल बनाते है। आपकी फसल में अगर किसी भी तरह के रोग , खरपतवार , कीटनाशक , दिखाई पड़ रहें है तो आप GEEKEN CHEMICALS के द्वारा बनें कीटनाशक का प्रयोग कर सकते है। जीकेन Top Agro Chemical Companies in India में से एक है।

और पढ़े –: जानिए कैसे करें आंवला की खेती और लगने वाले प्रमुख कीट एंव रोग उपचार

कटहल की खेती के लिए मिट्टी और जलवायु का चुनाव

किसान भाइयों आप कटहल कि खेती किसी भी प्रकार की भूमि में सफलता पूर्वक कर सकते है लेकिन कृषि एक्सपर्ट की मानें तो इसके फसल के लिए दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है। इसके अलावा किसान भाइयों को यह भी ध्यान रखना जरुरी है की कटहल की खेती ऐसी जगह पर न करें जहाँ पर ज्यादा जलभराव होता हो। कटहल की खेती के लिए जमीन का P.H. मान 7 के आस-पास ही होना चाहिए। यह पीएच मान कटहल की खेती के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

हर फसल के लिए एक मौसम और जलवायु होता है , जिसके आधार पर हम खेती करते है। अगर जलवायु सही नहीं होगा तो पूरी फसल ख़राब हो जाती है। इसलिए किसान भाई जब भी आप खेती करने जाएं तो यह जरूर ध्यान दें कि जिस फसल की खेती करने जा रहें है क्या उस समय उस फसल की खेती करना सही रहेगा। कटहल की खेती के लिए गर्म और आद्र जलवायु की जरूरत पड़ती है। कटहल के पौधे अधिक गर्मी और वर्षा तो सहन कर लेते है लेकिन ठण्ड के मौसम में गिरने वाला पाला इसकी फसल को बहुत नुकसान पहुंचाता है। कटहल के पौधे को 10 डिग्री से नीचे का तापमान फसल को नुकसान पहुंचाता है।

कटहल के पौधे की तैयारी

किसान भाइयों कटहल को हम बीज के रूप में लगाते है , इसके द्वारा लगाए गए पौधे को बड़ा होने में 5 -6 साल का समय लग जाता है। कुछ लोग कटहल से निकले हुए बीज को भी मिटटी में लगा देते है। इससे भी कटहल के पौधे आसानी से तैयार हो जाते है। इसके पौधे को लगानें के लिए हम दो विधियों का प्रयोग कर सकते है। जिसकी जानकारी हम नीचे प्रदान कर रहें है।

कटहल की खेती के लिए गूटी बाधना विधि द्वारा

दोस्तों कटहल की खेती के लिए यह सबसे अच्छी विधि है , इस विधि से पौधे को बाधा जाता है , जिससे कटहल के पौधे तीन वर्ष में ही बड़े होकर पैदावार देने लगते है। इस विधि के लिए किसान भाइयों को सबसे पहले पौधे को तैयार करना पड़ता है। इसके लिए सबसे पहले पेड़ की पत्तियों से डालियों पर गोल छल्ला तैयार किया जाता है। जब भी इसका छल्ला बनाया जाता है तो डाली की चल को काट कर हटा देते है , जिससे इसके डाली का भीतरी भाग अच्छे से दिखाई दे सकें। कुछ समय के बाद इस भाग में आप गोबर को लगाकर पॉलीथिन से ढक दिया जाता है। इसे हम बारिश के मौसम में सबसे अच्छा मानते है , क्योंकि ऐसे मिट्टी की नमी बढ़ जाती है और पैदावार भी अच्छा होता है।

ग्राफ्टिंग विधि

कटहल की खेती करने के लिए यह विधि भी बहुत अच्छी मानी जाती है। इस विधि में पौधे की पकी हुई शाखाओं को काटकर अलग कर लेते है जिसके बाद इसे v के आकार में छील लिया जाता है। इस तरह की शाखा को किसी भी तरह के पौधे पर लगा सकते है। अगर आप इसकी शाखा को किसी अन्य पौधे पर लगा रहें है तो पौधे की पत्तियों को हटा कर अगल कर दिया जाता है। इसके बाद तने को चिड़कर दो अलग भागों में बात दिया जाता है। इन भागों में पालीथीन लगाकर ढक दिया जाता है। जब इसके जड़ें निकलने लगती है तो उन्हें पहले काटा जाता है उसके बाद गड्ढे से बाहर निकल दिया जाता है।

कैसे करें कटहल की रोपाई

कटहल के पौधे लगाने के लिए जून और जुलाई का महीना सबसे अच्छा होता है। कटहल की रोपाई के लिए सबसे पहले गड्ढा खोदते है , जिसमें गोबर का खाद डालते है। खाद डालने से इसमें रोग या फिर पौधे के सूखने के चांस बहुत कम होता है। इसके बाद आप इसमें कटहल के कलम को लगाकर मिट्टी से तहक सकते है। कटहल के पौधे के लिए बारिश का मौसम सबसे अच्छा माना जाता है। कृषि एक्सपर्ट का मानना है कि ऐसे समय में कटहल की खेती करने पर पौधे में नमी बनी रहती है और कटहल के पौधे भी तेजी से विकास करते है। रोपाई करने के कुछ दिन के बाद इसमें कीटों और रोगों का प्रकोप देखने को मिल सकता है ऐसे समय में आप Best Agrochemical Company in India जीकेन केमिकल्स के द्वारा बनें कीटनाशक का प्रयोग कर सकते है। किसान भाइयों अगर आपके कटहल की फसल में इस तरह के रोग , कीट का प्रकोप दिखाई पड़ रहा है तो आप GEEKEN CHEMICALS के निम्नलिखित कैमिकल का प्रयोग कर सकते है।  

रोगों के लिए :-
Bonanza​ (Thiophanate Methyl 70% WP)

कीटों के लिए :-
Kaancha (Profenofos 40% + Cypermethrin 4% EC)
Mustafa (Imidacloprid 17.8% SL)
Fogal (Thiamethoxam 30% FS)

हमारे कीटनाशक आपके नजदीकी बाजार में आसानी से उपलब्ध है , जिसे आप आसानी से खरीद सकते है।  अगर आप इस ऑनलाइन तरीके से खरीदना चाहते है तो हमें कॉल (+91 – 9999570297) भी कर सकते है। 

कब करनी चाहिए कटहल की सिचाई

कटहल के पौधे को ज्यादा सिचाई की जरूरत नहीं पड़ती है। किसान भाई इसके पौधे को लगाने के बाद पानी डाल सकते है , जिससे पौधा अच्छी तरह से जमीन में पकड़ लें। अगर गर्मी का मौसम है तो 15 -20 दिनों के अंतराल पर आप कटहल के पौधे को पानी दें सकते है। कभी भी बारिश के मौसम में इसके पौधे को पानी नहीं देना चाहिए इससे पौधे सड़ने लगते है।

कटहल की पैदावार

किसान भाइयों कटहल का पौधा तीन से चार साल बाद फल देने के लिए तैयार होता है। इसके अलावा कई फसलें ऐसी है , जो बहुत कम समय में ही पैदावार देने लगती है। कटहल की खेती करने वाले किसान भाइयों की मानें तो 150 पौधे को एक हेक्टेयर खेत में लगाया जा सकता है। जिससे आप इसकी खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकते है। आज के समय में अगर देखा जाये तो कटहल की मांग बाजारों में भी दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।

और पढ़े –: यहाँ जानिए लहसुन की खेती करने का बेहतरीन तरीका , जिससे होगी ज्यादा पैदावार

निष्कर्ष

आज के इस ब्लॉग में हमनें जाना की कटहल की खेती कैसे करते है और इसकी फसल को कितने पानी की आवश्यकता पड़ती है। आशा है कि किसान भाइयों को हमारा यह ब्लॉग पसंद आया होगा। किसान भाइयों आप हमारे इस ब्लॉग को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें , जिससे और लोग खेती के प्रति जागरूक हो सकें। आप GEEKEN CHEMICALS के कीटनाशक का प्रयोग करके फसलों में लगने वाले कीटों को भी आसानी से खत्म कर सकते है। अगर आप हमारा कीटनाशक खरीदना चाहते है तो आप हमें (+91 – 9999570297) कॉल भी कर सकते है।