किसान भाइयों गेहू के फसल की बुवाई हम ठण्ड के मौसम में करते है। इसकी रोपाई बीज के माध्यम से की जाती है। अगर अपने देश भारत की बात करें तो धान के बाद गेहूं ही है जिसका उत्पादन काफी बड़े क्षेत्रफल में किया जाता है। गेहूं के बीज का अगर सही तरीके से चुनाव नहीं किया गया तो इसमें रोग लगने की सम्भावना काफी ज्यादा होती है। पिछले कुछ समय की बात किया जाये तो गेहूं में ज्यादा रोग लग रहें है , जिससे किसान भाइयों की पैदावार भी कम हो रही है। आज के इस ब्लॉग में हम गेहूं की फसल में लगने वाले प्रमुख रोग और उनके रोकथाम के बारें में जानेंगे।

GEEKEN CHEMICALS में आपका स्वागत है। दोस्तों GEEKEN CHEMICALS लगातार कई वर्षों से फसल की बेहतर पैदावर के लिए अलग – अलग तरह का कीटनाशक बनाता आ रहा है। आप हमारे प्रोडक्ट का प्रयोग करके अपने फसलों का उत्पादन बेहतर तरीके से कर सकते है। अगर आप हमारे कीटनाशक को खरीदना चाहते है तो आप हमें कॉल (+91 – 9999570297) भी कर सकते है।

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गेहूं की फसल में लगने वाले प्रमुख रोग

दीमक

किसान भाइयों गेहूं की फसल में अक्सर दीमक का प्रभाव होता है। यह गेहूं की फसल में अंकुरण से लेकर फसल के तैयार होने तक दिखाई पड़ते है। लेकिन इसका प्रभाव सबसे ज्यादा फसल के पकने पर होता है। दीमक कीट का आक्रमण ज्यादातर पौधे की जड़ों में होता है , जिससे पौधे अंकुरित होने से पहले की खत्म हो जाते है। अगर समय रहते इसका देखभाल नहीं किया गया तो यह पूरी फसल को ख़राब कर देते है।

बचाव

किसान भाइयों इसके रोकथाम के लिए आप GEEKEN CHEMICALS के द्वारा बनें कीटनाशक का प्रयोग कर सकते है। जो आसानी से आपके पौधों में लगने वालें इन कीटों को खत्म करता है और पैदावार को बढ़ता है। अगर आप गेहूं में लगने वाले दीमक रोग को खत्म करना चाहते है तो इसके लिए आप हमारा कीटनाशक Keeban Super (Chlorphyriphos 10% GR) प्रयोग कर सकते है। GEEKEN CHEMICALS Best Agrochemical Company in India में से एक है।

पीला रतुआ

किसान भाइयों अगर आप गेहूं की खेती कर रहें है तो, आपके फसल में पीला रतुआ रोग लगने की संभावना काफी ज्यादा होती है। इस रोग से भी गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाती है। यह रोग जब गेहूं के पौधे बड़े होने लगते है तब दिखाई पड़ता है। इस रोग के कारण पत्तियों का रंग पीला पड़ने लगते है और जब भी पत्तियों पर हाथ फेरा जाये तो हाथ में भी पीले रंग के पाउडर जैसा लग जाता है। इस रोग के कारण गेहूं के पौधे अच्छे से विकास नहीं करते है।

बचाव

किसान भाइयों अगर आप गेहूं की खेती कर रहें है तो हमेशा इस रोग से सचेत होने की जरूरत है। आप इसके लिए GEEKEN CHEMICALS के द्वारा बनें कीटनाशक का प्रयोग करके खत्म कर सकते है। पीला रतुआ रोग के लिए आपको हमारा कीटनाशक Shine grip प्रयोग करना पड़ेगा। आज के समय में गेहूं के फसल में इस रोग के लगने की संभावना बहुत ज्यादा होती है , जो किसान भाइयों की फसल को पूरी तरह से बर्बाद कर देता है। GEEKEN CHEMICALS Best Agrochemical company in India में से एक है।

चूर्णिल आसिता

यह एक तरह का फफूदी होता है , जो गेहूं की फसल को बहुत नुकसान पहुंचाता है। इस रोग को किसान चूर्ण फफूंदी के नाम से भी जानते है। यह रोग जब भी गेहूं की फसल पर लगता है तो फसल पर सफ़ेद रंग का पाउडर जमा हो जाता है। यह पाउडर शुरुआत में तो गेहूं के फसल की पत्तियों पर दिखाई पड़ता है लेकिन जैसे – जैसे रोग बढ़ता है पूरे पौधे को अपने चपेट में ले लेता है। इस रोग के कारण पौधे प्रकाश संश्लेषण की क्रिया करना बंद कर देते है, जिससे गेहूं के पौधों का विकास पूरी तरह से रुक जाता है।

बचाव

किसान भाइयों अगर आपके फसल में इस फफूदी के लक्षण दिखाई पड़ें तो आपको अब से घबरानें की जरूरत नहीं है। क्योंकि GEEKEN CHEMICALS आपके साथ है। इस फफूदी के उपचार के लिए आप GEEKEN CHEMICALS का Shine grip खरीद सकते है। जो आपके नजदीकी बाजार में आसानी से मिल जायेगा।

पहाड़ी बंट

अगर आप गेहूं की खेती कर रहें है तो आपकी फसल में पहाड़ी बंट रोग का प्रकोप भी बहुत दिखाई पड़ता है। यह रोग जब भी गेहूं की बालियाँ पकनें लगती है , तब दिखाई पड़ता है। इस रोग के कारण गेहूं की फसल समय से पहले ही पीली पड़ जाती है और सूखनें लगती है। कई बार तो इसकी वजह से पौधों का आकार भी बिल्कुल छोटा ही रह जाता है। इसके अलावा पौधे के बालियों का रंग हरा दिखाई पड़ने लगता है। इस रोग के लक्षण को जानने के लिए आप जब भी गेहूं की बालियों को दबाएंगे तो काला पाउडर के जैसा दिखाई पड़ता है। इस रोग के कारण गेहूं के पौधे में दुर्गन्ध भी आती है। अगर समय से किसान भाई इस रोग का उपचार नहीं किये तो यह पूरे पौधे को प्रभावित कर देता है।

बचाव

यह रोग भी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाता है लेकिन अब आपको इस रोग से घबरानें की जरूरत नहीं है क्योंकि GEEKEN CHEMICALS आपके साथ है। आप इस रोग से गेहूं की फसल के बचाव के लिए Ribban (Captan 70% Hexaconazole 5% WP) का प्रयोग कर सकते है। हमारी दवाई फसल पर शीघ्र असर कर रोगों को खत्म करती है और पैदावार को बढाती है। आप इसे अपने नजदीकी बाजार में जाकर आसानी से खरीद सकते है। GEEKEN CHEMICALS Best Agrochemical company in India में से एक है।

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निष्कर्ष

आज के इस ब्लॉग में हमनें गेहूं की फसल में लगने वाले प्रमुख रोग और इसके बचाव के बारें में जानकारी हांसिल की। आशा है कि आप सभी किसान भाइयों को हमारी यह जानकारी पसंद आई होगी। किसान भाइयों इसी तरह से आप अपने खेती – बड़ी के बारें में जानने के लिए GEEKEN CHEMICALS को फॉलो करते रहें। अगर आपको हमारा यह ब्लॉग पसंद आया हो तो इसे शेयर भी जरूर करें , जिससे और भी लोग जागरूक हो सकें। अगर आप अपने फसल में लगने कीड़ों , रोगों , खरपतवार , से छुटकारा पाना चाहते है तो आज ही GEEKEN CHEMICALS के द्वारा बनें रासायनिक प्रोडक्ट का प्रयोग जरूर करें , जिससे आपके फसल का उत्पादन अच्छे से हो सकें , अगर आप हमारे प्रोडक्ट को खरीदना चाहतें है तो हमें कॉल (+91 – 9999570297) भी कर सकते है।